PM किसान 21वीं किस्त 2025
भारत में छोटे और सीमांत किसानों के लिए सबसे
प्रभावी कल्याणकारी योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री
किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) है।
इस योजना के तहत पात्र किसानों को ₹2,000-
₹2,000 की तीन समान किश्तों में प्रति वर्ष ₹6,000
दिए जाते हैं, जो सीधे उनके बैंक खातों में जमा हो
जाते हैं। जैसे-जैसे सरकार 21वीं किस्त वितरित
करने की तैयारी कर रही है, भुगतान तिथि,
पात्रता सूची और संभावित छूटों में किसानों की
रुचि बढ़ गई है। आइए, आपके लिए आवश्यक
सभी जानकारियों पर विस्तार से नज़र डालें।

पीएम किसान की 21वीं किस्त: जारी होने
की अनुमानित तिथि
शीघ्र सत्यापन और राज्य-विशिष्ट परिस्थितियों के
कारण, रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि हिमाचल
प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित कुछ राज्यों ने
पहले ही भुगतान प्राप्त करना शुरू कर दिया है।
सरकार आमतौर पर साल में तीन बार, अप्रैल,
अगस्त और नवंबर में, पीएम-किसान की किस्तें
जारी करती है। हालाँकि अभी तक कोई
आधिकारिक तिथि तय नहीं हुई है, लेकिन
पिछले रुझानों के आधार पर 21वीं किस्त
नवंबर 2025 के आसपास जारी होने की
उम्मीद है।
अधिकांश राज्यों में ई-केवाईसी, बैंक और
भूमि रिकॉर्ड सत्यापन प्रक्रिया अभी भी जारी है,
जिससे पूरे भारत में इसे लागू करने में थोड़ी
देरी हो सकती है।
सोशल मीडिया पर अफवाहों पर निर्भर रहने
के बजाय, किसानों को सलाह दी जाती है कि
वे अपने रिकॉर्ड अपडेट रखें और आधिकारिक
अपडेट के लिए नियमित रूप से पीएम-किसान
वेबसाइट देखें।
इस न्यूज को पड़िए “Second-Gen Hyundai
👉 सलाह: भुगतान जारी होने पर लेन-देन
संबंधी त्रुटियों से बचने के लिए, अपना आधार-लिंक्ड बैंक खाता खुला रखें।
कैसे सत्यापित करें कि आपका नाम लाभार्थियों की सूची में है या नहीं
सरकारी पहलों की बदौलत किसान अब आसानी
से अपने भुगतान डेटा और लाभार्थी की स्थिति
ऑनलाइन सत्यापित कर सकते हैं।
लाभार्थी सूची कैसे सत्यापित करें:
- आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएँ।
- “किसान कॉर्नर” क्षेत्र चुनें।
- “लाभार्थी सूची” चुनें।
- अपना राज्य, गाँव, ब्लॉक, ज़िला और उप-ज़िला चुनें।
- योग्य किसानों के नाम देखने के लिए, “रिपोर्ट प्राप्त करें” पर क्लिक करें।
यह पता लगाने के लिए कि भुगतान जमा हुआ
है या नहीं, किसान “लाभार्थी की स्थिति” देखने
के लिए अपने आधार नंबर, बैंक खाता संख्या या
मोबाइल नंबर का भी उपयोग कर सकते हैं।
✅ विशेषज्ञ सलाह: अगर आपका नाम छूट गया है,
तो किस्त जारी होने से पहले जानकारी अपडेट
करने के लिए ज़िला कृषि कार्यालय या नज़दीकी
CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) से संपर्क करें।
- कुछ किसानों के इस बार शामिल न होने के कारण
कई किसानों को ऐसी समस्याएँ हुई हैं जिनके
कारण उनका भुगतान रुक गया है या उनके
नाम मिटा दिए गए हैं। सूची से बाहर किए
जाने के सामान्य कारण निम्नलिखित हैं:
सबसे आम कारण अपूर्ण eKYC है, जिसके
परिणामस्वरूप भुगतान स्वतः ही रोक दिया जाता है।
बैंक खाते का मिलान न होना: गलत IFSC कोड
या आधार से जुड़े न होने वाले खातों के कारण
आवेदन अस्वीकार हो सकता है।
भूमि रिकॉर्ड में त्रुटियाँ: यदि किसी किसान की
भूमि स्वामित्व संबंधी जानकारी असंगत या अपुष्ट
है, तो उसे अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
जो किसान आयकर देते हैं, संवैधानिक पदों पर हैं,
या सरकार में कार्यरत हैं, वे पीएम-किसान योजना
के तहत अपात्र हैं।
धोखाधड़ी या डुप्लिकेट दावे: केवल वैध लाभार्थियों
की गारंटी के लिए क्रॉस-सत्यापन प्रणाली को
मज़बूत किया गया है।
➡️ कार्रवाई करें: अगर आपको लगता है कि
आपका भुगतान अस्वीकार कर दिया गया है,
तो पीएम-किसान पोर्टल पर “अस्वीकृत सूची”
के अंतर्गत अपनी जानकारी देखें या अधिक
जानकारी के लिए स्थानीय कृषि कार्यालय से
संपर्क करें।
21वीं किस्त समय पर प्राप्त करने के लिए
ज़रूरी कदम
pmkisan.gov.in पर लॉग इन करके eKYC
पूरा करें → किसान कॉर्नर → eKYC → किसी CSC पर OTP या बायोमेट्रिक से सत्यापन करें।
आधार को बैंक खाते से जोड़ें: सुनिश्चित करें कि
आधार आपके बैंक खाते से जुड़ा हो।
भूमि रिकॉर्ड अपडेट करें: राज्य के रिकॉर्ड में
आपका नाम और भूमि संबंधी जानकारी सटीक
रूप से दिखाई देनी चाहिए।
पोर्टल की नियमित जाँच करें: हर कुछ हफ़्तों में,
खासकर किस्त जारी होने से पहले, अपनी
लाभार्थी स्थिति की जाँच करें।
गलतियों को तुरंत ठीक करें: अपने नाम,
खाते या आधार में किसी भी त्रुटि को ठीक
कराने के लिए तुरंत सीएससी केंद्र पर जाएं।
📞 Helpline Numbers: 155261 /
011-24300606
📩 Email: pmkisan-ict@gov.in
21वीं किस्त जारी करने में देरी क्यों हुई?
इस वर्ष अधिक कठोर जाँच प्रक्रिया के कारण,
किस्त जारी करने की प्रक्रिया सामान्य से धीमी
रही है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है
कि केवल वैध किसानों को ही लाभ मिले और
दोहराव से छुटकारा मिले।
इसके अतिरिक्त, कई राज्य खेतों की जियोटैगिंग
और आधार-बैंक मैपिंग के लिए तकनीकी जाँच
लागू कर रहे हैं। भले ही इसमें समय लगे, लेकिन
इन कदमों से अंततः योजना की पारदर्शिता और
विश्वसनीयता बढ़ेगी।
मीडिया सूत्रों के अनुसार, इन सत्यापनों के
परिणामों के आधार पर, राष्ट्रव्यापी किस्त
जारी करना नवंबर 2025 के मध्य और
दिसंबर की शुरुआत के बीच किसी भी
समय हो सकता है।
pm kisan योजना का वित्तीय प्रभाव
2019 में अपनी शुरुआत के बाद से,
पीएम-किसान योजना 11 करोड़ से ज़्यादा
भारतीय किसानों के लिए सहायता का एक
महत्वपूर्ण स्रोत बन गई है। लाभार्थियों के
बैंक खातों में प्रत्येक किस्त के साथ ₹2,000 सीधे
जमा होते हैं, जिससे उन्हें बीज, उर्वरक और
अन्य आवश्यक कृषि सामग्री की लागत को
पूरा करने में मदद मिलती है।
भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने
के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में,
सरकार अब तक इस कार्यक्रम के तहत ₹3
लाख करोड़ से अधिक वितरित कर चुकी है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की
21वीं किस्त के नज़दीक आते ही किसानों को
सतर्क और सक्रिय रहना चाहिए। यह सुनिश्चित
करने के लिए कि कोई भी भुगतान छूट न जाए,
ई-केवाईसी पूरा करें, बैंक और ज़मीन की
जानकारी अपडेट करें और पोर्टल की नियमित
जाँच करते रहें।
यह कार्यक्रम भारत के किसानों के लिए जीवन
रेखा बना हुआ है, जो न केवल नकद सहायता
प्रदान करता है, बल्कि उन्हें देश की विकास
प्रक्रिया में सुरक्षा और समावेश की भावना भी
प्रदान करता है, हालाँकि औपचारिक रिलीज़
की तारीख अभी बाकी है।
आपको जल्द ही अपनी अगली ₹2,000
की किस्त
मिल सकती है, इसलिए यदि आप लाभार्थी हैं,
तो सुनिश्चित करें कि आपके रिकॉर्ड तैयार हैं।
लेखक : Taazabyte
रविवार, 9 नवम्बर 2025
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